Pradhan Mantri Awas Yojana kya Hai?

Pradhan Mantri Awas Yojana

जैसा कि दोस्तों आप जानते ही हैं हमारे भारतवर्ष में कितने ऐसे परिवार हैं जिनके पास खुद का पक्का मकान आज तक उपलब्ध नहीं हो पाया है, सरकार द्वारा उठाए गए कदम में यह मुख्य पूर्ण कदम है कि सबको अपना मकान मिल जाए, गरीब के सिर पर छत आ जाए या सपना लेकर भारत सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।

दोस्तों आज हम आपको प्रधानमंत्री आवास योजना / Pradhan Mantri Yajana के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं, हमारे देश में ऐसी बहुत सारी योजनाएं हैं, जो समाज कल्याण के लिए काम करती हैं किंतु लाभार्थियों के पास पूरी जानकारी ना होने के कारण उन योजनाओं से वंचित रह जाते हैं तो दोस्तों हमारा प्रयास यही रहता है कि सरकार द्वारा जो भी योजनाएं हैं हम उनके बारे में आपको जानकारी दें और आप उसका भरपूर लाभ उठा सकें।

प्रधानमंत्री आवास योजना सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा चलाई जाने वाली योजना है इस योजना का उद्देश्य भारत में गरीब व्यक्ति को अपना स्वयं का पक्का घर उपलब्ध कराना होता है. भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक योजना है, जिसे साल 2015 में चालू किया गया था, और इसका आगामी उद्देश्य साल 2022 तक भारत के विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रोँ में लगभग तीन करोड़ से अधिक पक्के घर उपलब्ध करवाना है. इस योजना का पहला भाग पिछले वर्ष 2018 में खतम हो चूका है और इसका दूसरा भाग भी शुरू हो चूका है. प्रशासन द्वारा इस योजना को दो भागों में विभाजित किया गया है, जिसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और प्रधान मंत्री आवास योजना शहरी है।

Awas Yojana Objective

प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण वास्तव में इंदिरा आवास योजना का की तरह ही है, इस योजना को प्रधान मंत्री के द्वारा चालू किया गया है . इस योजना का उद्देश्य भारत में ग्रामीण इलाकों झोपडी में रह रहें लोगों को तीन सालो 2017 -2018 से 2019 -2020 तक आधारभूत सुविधाओं से युक्त लगभग 2 करोड़ पक्के घर उपलब्ध कराना है.

1. घरों की माप : वर्तमान में इस योजना के तहत बनाए जाने वाले घरों का आकार 25 स्क्वेयर मीटर है, जिसे की पूर्व में निर्धारित घरों के आकार 20 स्क्वेयर मीटर से बढाकर निर्धारित किया गया है।

2. मकान के लिए दी जाने वाली राशि : इस योजना के तहत पहले मैदानी क्षेत्रोँ में 75000 की राशि तय की गई थी जिसे वर्तमान में बढ़ाकर 1 लाख 30 हजार कर दिया गया है. वही इस योजना के तहत पहाड़ी इलाकों, मुश्किल क्षेत्रों में और आईएपी जिलों में पहले यह राशि 75,000 थी जिसे अब बढ़ाकर 1 लाख 35 हजार कर दिया गया है।

3. इस योजना में लगने वाला खर्चा: इस योजना में लगने वाला खर्चा केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा मिलकर किया जाता है, मैदानी क्षेत्रोँ में इस शेयर की जाने वाली राशि का अनुपात 60:40 होगा वहीं उत्तर-पूर्व और हिमालय वाले तीन राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में यह अनुपात 90:10 होता है।

4. शौचालय:और इस योजना के तहत टॉयलेट के लिए 12000 रुपय की राशि का भुकतान स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और उस एरिया में चलने वाले अन्य किसी सोर्स की तरफ से किया जाता है .

5. लाभार्थी की का चयन : इस योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान और उनका सिलेक्शन उनके पास घर की कमी, एसईसीसी-2011 डाटा के अनुसार सोशल स्तर और ग्राम सभा के द्वारा वेरीफाई करने पर किया जाता है।

6. ऋण लेने का बिकल्प: इस योजना के तहत यदि लाभार्थी चाहे तो 130 हजार रुपय का लोन भी ले सकता है जो की उसे विभिन्न फाइनेंसियल इंस्टिट्यूट से अप्लाई करके लेना होता है।

7. लाभार्थी को सुविधा: जैसे टॉयलेट, पीने का पानी, बिजली, सफाई खाना बनाने के लिए धुआ रहित ईंधन, सोशल और तरल अपशिष्टो से निपटने के लिए इस योजना को अन्य योजनाओं को भी मिलाया गया है.

8. पैसा कैसे मिलता है: इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि का भुकतान लाभार्थी के बैंक एकाउंट में किया जाता है। इसके लिए आवश्यक है की लाभार्थी का यह एकाउंट आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।

Selection Of Beneficiary

इस योजना के तहत लाभार्थी के चुनाव में सत्यता और पारदर्शिता सरकार का उद्देश्य है. इसके अंतर्गत इस बात का ध्यान रखा जाता है, की इस योजना के तहत लाभ केवल उन लोगों को मिले सके जिनको मकान की सख्त जरुरत है. इस योजना में लाभार्थियों का चयन करने के लिए एसईसीसी SECC का उपयोग किया जायेगा जिसका सत्यापन ग्राम सभा द्वारा किया जाता है।

चयन लाभार्थी : इस योजना के तहत संपूर्ण भारत में कोई भी व्यक्ति जिसके पास स्वयं का घर नहीं है या जो कि कच्चे घर में रहता हो या जिसके घर में छत नहीं हो वह इस योजना के तहत लाभ देना होता है. इस योजना का लाभ लेने के लिए यह आवश्यक नहीं होता की लाभार्थी बीपीएल में आता है,कच्चे घर वाला कोई भी परिवार इस योजना का लाभ ले सकता है।

इस योजना के तहत किन व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाती है आइये जानते है।

इस योजना के तहत प्रथम प्राथमिकता केटेगरी के अनुसार दी जाती है, जैसे – अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, माइनॉरिटीज और अन्य वर्ग के लोग इस योजना के तहत लाभ के प्रथम हक़दार होते है। .

इन चयनित प्राथमिक लोगों में से भी उन लोगों को प्राथमिकता दी जाती है, जो कि एसईसीसी में डिफाइन कंपल्सरी इनक्लूसन के क्राइटेरिया को पूर्ण करते है. इस लिस्ट में दर्शाए गए सोसिओ इकनोमिक पैरामीटर SECC जिसके द्वारा प्राथमिकता दी जाती है।

How money is paid in Pradhan Mantri Awas Yojana?

इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी को उसका पहला इंस्ट्रूमेंट सेक्शन लेटर जारी होने के 10 दिन के अंदर मिल जाता है. यह क़िस्त लाभार्थी को उसके बैंक एकाउंट में डायरेक्ट ट्रांसफर किया जाता है. इसके बाद सरकार द्वारा उस बैंक से यह सुनिश्चित किया जाता है,कि वह यह जानकारी एसएमएस के द्वारा लाभार्थी को उसके मोबाइल में पहुंच जाती है।

फाइनेंसियल ईयर की शुरुआत में यह तय किया जाता है की लाभार्थी को कितनी क़िस्त में और कितने पैसे दिये जायेंगे. इसकी राशि तीन क़िस्त में दी जाती है, और घर के निर्माण की सात स्थिति होती है।जो निचे दिया गया है।

  • House Sanction
  • Foundation
  • Plinth
  • Windowsill
  • Lintel
  • Roof
  • complete 

How to Apply For This Scheme

इस योजना का लाभ लेने के लिए ग्रामीण व्यक्तियों को जन सेवा केंद्र में जाकर एक फॉर्म लेना होता है, और खंड विकास में जाकर एक फॉर्म भरना होता है. इसके बाद ग्राम पंचायत द्वारा लाभार्थियों चुनाव किया जाता है और अंतिम निर्णय खंड विकास समिति के द्वारा तैयार की जाती है।

conclusions

जैसा कि दोस्तों हम समय-समय पर आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आते रहते है, जैसा कि दोस्तों हमने आपको बताया प्रधानमंत्री आवास योजना क्या है आप प्रधानमंत्री आवास योजना में कैसे आवेदन कर सकते हैं कैसे इसका लाभ उठा सकते हैं संपूर्ण जानकारी हमने ऊपर दे दिया है आशा करते हैं दोस्तों हमारे द्वारा दी गई जानकारी से आप संतुष्ट होंगे, अगर आपके मन में कोई सवाल हो तो आप कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट कर सकते हैं।  धन्यवाद।

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